बलिया: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी आधुनिक तकनीक के दुरुपयोग और नाबालिग छात्रा के साथ डिजिटल अपराध करने वालों के खिलाफ बलिया न्यायालय न...
बलिया: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी आधुनिक तकनीक के दुरुपयोग और नाबालिग छात्रा के साथ डिजिटल अपराध करने वालों के खिलाफ बलिया न्यायालय ने सख्त नजीर पेश की है। जनपद की विशेष पॉक्सो अदालत (कोर्ट संख्या-08) के न्यायाधीश प्रथमकांत की अदालत ने कक्षा आठ की छात्रा की एआई तकनीक से अश्लील तस्वीर बनाकर उसे व्हाट्सएप पर प्रसारित करने के दोषी स्कूल वैन चालक को 25 वर्ष के कठोर सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल ₹55 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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| Purvanchal Samachar |
स्कूल वैन चलाता था अभियुक्त, तकनीक का दुरुपयोग कर बनाई थी अश्लील तस्वीर
अभियोजन पक्ष के अनुसार, भीमपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम देवलवीर निवासी संजीत कुमार स्कूल से अनुबंधित एक निजी वाहन (वैन) चलाता था।
पीड़ित छात्रा कक्षा आठ में पढ़ती थी और नियमित रूप से उसी वाहन से स्कूल आती-जाती थी। आरोप था कि चालक संजीत कुमार ने बुरी नीयत से एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल करते हुए छात्रा की आपत्तिजनक और अश्लील तस्वीर तैयार की। इसके बाद आरोपी ने तस्वीर को व्हाट्सएप के माध्यम से साझा किया और अपने अन्य परिचितों व मित्रों के जरिए इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करवा दिया, जिससे पीड़िता और उसके परिवार को भारी मानसिक आघात पहुंचा।
पिता की तहरीर पर दर्ज हुआ था केस, पॉक्सो एक्ट की धारा 6 में दोषी करार
घटना के संबंध में पीड़िता के पिता ने 7 मई 2025 को भीमपुरा थाने में नामजद तहरीर दी थी।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पॉक्सो अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया था। विवेचक ने साक्ष्य जुटाते हुए त्वरित गति से अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल की। उत्तर प्रदेश सरकार के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के चलते मंगलवार को अदालत ने संजीत कुमार को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 सहित अन्य संबंधित धाराओं में दोषी पाया। अदालत ने उसे 25 वर्ष के कठोर कारावास और ₹55 हजार के जुर्माने की सजा सुनाकर जेल भेज दिया।
